13 अस्पतालों को मिले डॉक्टर:-

          नए डॉक्टर आने से एक लाख आबादी को फायदा मिलेगा:-


सीहोर:-
         सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी होने के कारण इलाज कराने में परेशानी होने वाले मरीजों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने जिले के एक परिवार कल्याण और 12 स्वास्थ्य केंद्रों में रिक्त पदों पर डॉक्टरों की पद स्थापना की है, जिसमें 11 डॉक्टरों ने रिक्त पदों पर ज्वाइन कर लिया है। नए डॉक्टर के आने से 1 लाख लोगों को इसका फायदा मिलेगा। मरिजों को इलाज कराने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।

सीहोर जिले के 13 स्वास्थ्य केंद्र में 8 डॉक्टर कमी से जूझ रहे थे, वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चकल्दी, भाउखेड़ी, गोपालपुर, मैना, अमलाहा में डॉक्टर नहीं थे। इस स्थिति में स्वास्थ्य केंद्र में बीमार होने वाले मरीजों को इलाज न होने के कारण मायूस लौटना पड़ता था। अब डॉक्टर के आने से उनकी समस्या दूर हो जाएगी ओर मरीजों को राहत की सांस मिलेगी। हालांकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालपुर और बाईवोरी डॉक्टर ने अभी तक ज्वानिंग नहीं किया है। लेकीन स्वास्थ्य अधिकारियों ने निर्देशित कर उनको जल्द ही ज्वाइन करने की बात कहीं है। इसके अलावा कई अस्पताल में इस प्रकार की स्थिति बनी हुई है।
163 उप स्वास्थ्य केंद्र में एक भी डॉक्टर नहीं

सरकार ने 3 से 6 हजार की आबादी वाले गांवों में उपस्वाथ्य केंद्र, 5 से 20 हजार आबादी क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 20 से 50 हजार में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 50 हजार से डेढ़ लाख के बीच सिविल अस्पताल और डेढ़ लाख से अधिक आबादी में जिला अस्पताल खोलने की व्यवस्था की है। हाल ही में 163 उप स्वास्थ्य केंद्र में एक भी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं है। यहां एएनएम और एमपीडब्ल्यू ही एमबीबीएस की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
महिला डॉक्टर का अभाव

जिले के सरकारी अस्पतालों में महिला डॉक्टरों का अभाव है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि 13 लाख आबादी के बीच सिर्फ 25 महिला डॉक्टर ही अपना दायित्व्य निभा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जावर, लाड़कुई, रेहटी, श्यामपुर में एक भी महिला डॉक्टर नहीं है। जिससे महिला मरीजों को गंभीर बीमारी या फिर डिलेवरी के समय परिजन को निजी अस्पताल ले जाना पड़ता है। कई बार समय पर डिलेवरी नहीं होने से महिलाओं की रास्ते में मौत हो जाती है।
Share:

0 Comments:

Post a Comment